सड़क व बाजार की गलियों में नाबालिग दौड़ा रहे वाहन

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सड़क व बाजार की गलियों में नाबालिग दौड़ा रहे वाहन

-हॉर्न बजाते हुए गाड़ी तिरछी बाइक चलाकर चलते नाबालिग युवक


प्रतिनिधि विश्वास के नाम रजौली प्रखंड


क्षेत्र में अभिभावकों की जरा सी लापरवाही और बच्चों के प्रति उनका प्यार सड़कों पर हादसों का कारण बन सकता है।इसलिए अभिभावकों को अपने बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी और नियमों के प्रति जागरूक करना चाहिए ताकि बेहतर सुरक्षित यात्रा हो सके।लेकिन रजौली शहर के गलियों व मुख्य मार्गों पर 12 से 16 साल के कई नाबालिग बच्चे बाइक चलाते हुए देखे जा सकते हैं।भीड़-भाड़ वाले इलाकों में भी हॉर्न बजाते हुए इतनी स्पीड व रेस देकर चलते हैं कि पैदल चलने वाले राहगीरों को डर हमेशा बना हुआ रहता है।प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा सड़क व अन्य माध्यमों से अपने स्तर पर लगातार स्कूलों में जाकर जागरूक कार्यक्रम और कार्रवाई के दौरान यातायात नियमों की जानकारी लोगों को दे रही है।जिसको लोग अपनाएं तो 50% तक हादसों को रोका जा सकता है।दरअसल इन दिनों सड़कों पर कम उम्र के बच्चों व किशोर बेधड़क होकर तेज गति से वाहन चला रहे हैं।इनके पास लाइसेंस ना हो वाहन चलाने की परिपक्वता की भी जानकारी नहीं है।यही नहीं यातायात नियमों की अनदेखी कर बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले किशोर भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर भी तेज गति से वाहन दौड़ा रहे हैं।जिससे अनहोनी की आशंका बनी रहती है।यही नहीं यह किशोर सड़क पर तीन व तीन से अधिक लोगों को बैठा कर वाहन चलाते हैं।जिससे अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता है।पुलिस या नागरिकों द्वारा समझाने पर उनको अपने अभिभावकों की पहुंच का रौब झाड़ते हैं।इस रौब के कारण पुलिस भी कार्रवाई करने से बचती है।

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तेज आवाज वाले हॉर्न के साथ दौड़ा रहे वाहन


रजौली शहर की गलियों सहित बाजारों में नाबालिक वाहन चालक अपने वाहन से दौड़ते हैं जैसे हवाई जहाज चला रहे हो।न लाइसेंस न हेलमेट का कर रहे उपयोग करते हैं।हर समय हादसों की आशंका बनी रहती है।बड़ों से ज्यादा नाबालिक वाहन चालक यातायात के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।इन नाबालिक वाहन चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन के दस्तावेज,हेलमेट कुछ नहीं होने के बावजूद रजौली में बेधड़क बाइक घुमा रहे हैं।सुबह छ: बजते ही कोचिंग सेंटर खुल जाते हैं। कोचिंग जाने वाले नाबालिक अधिकांश बच्चे वाहन से ही कोचिंग के लिए जाते हैं।यह बच्चे वाहन पर चार से पांच दोस्तों को बैठाकर तेज रफ्तार से वाहन चलाकर कोचिंग जाते हैं।वही कोचिंग पहुंचने पर स्टंट भी दिखाते हैं।जो कभी भी हादसों का कारण बन सकता है।यही नहीं स्टाइलिश वाहन इन बच्चों को कंट्रोल ना होने से दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं।नियमित रूप से पुलिस कार्रवाई ना होने के कारण नाबालिक वाहन चालको में भय नहीं है।यही फायदा उठाकर नाबालिक सड़कों पर नियमों को दरकिनार कर घूम रहे हैं।

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हड़बड़ी में दौड़ा रहे दो पहिया वाहनों को


नाबालिगों की इस हरकत के कारण पैदल चलने वालों को दुर्घटना का भी भय बना रहता है।दरअसल इन बच्चों को स्कूल व कोचिंग जाने की भी इतनी हड़बड़ी रहती है कि अपने आगे पीछे का कुछ भी नहीं सोचते हैं और तेज गति से वाहन चलाकर आगे बढ़ जाते हैं।पुलिस को ऐसे कोचिंग संस्थानों में वाहनों से आने वाले बच्चों व उनके अभिभावकों के साथ चर्चा कर समझा देना चाहिए।

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क्या कहते हैं,अधिकारी


रजौली थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि अभिभावक जरा से लाड़ प्यार में बच्चों की जिंदगी खुद संकट में डाल देते हैं।जब बच्चे के साथ होता है तो जीवन भर पछताना पड़ता है।इसके लिए अभिभावकों का जागरूक होना जरूरी है।हम जगह जगह लगातार कैम्प लगाकर बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी देते हैं और आगे की कार्रवाई भी कर रहे हैं।

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