9वीं में नामांकन को लेकर सरकारी आदेश के कारण छात्रों की बढ़ी परेशानी

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9वीं में नामांकन को लेकर सरकारी आदेश के कारण छात्रों की बढ़ी परेशानी


सैकड़ों नौनिहालों की पढ़ाई में दस्तावेज का पेच।

हिसुआ। प्रतिनिधि विश्वास के नाम

जहां राज्य सरकार बिहार में गिरते शिक्षा के स्तर को पटरी पर लाने का प्रयास कर रहा है। वहीं शिक्षा विभाग के नए फरमान ने सैकड़ो नवनिहालों एवं उनके अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसा इसलिए क्योंकि शिक्षा विभाग के आदेश के बाद प्रखंड क्षेत्र के सभी मिडिल स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को अपने ही पंचायत के उच्च विद्यालय में नामांकन लेना होगा और जारी नए नियम के अनुसार, पंचायतों के छात्र-छात्राएं अब अपने पंचायत स्थित स्कूलों से प्लस टू तक कि शिक्षा ग्रहण करेंगें। इसके लिए संबंधित विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति से लेकर उपस्करों की उपलब्धता कराई जा रही है।  इस क्रम में विभाग द्वारा जारी नए नियम के अनुसार, सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को सुविधा होगी, जबकि शहर से निकट के स्कूल वाले ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं की परेशानी बढ़ेगी।अविभावकों का कहना है कि नए नियमन से ग्रामीण क्षेत्र के वैसे बच्चों को लाभ मिलेगा। जिन्हें लंबी दूरी तय कर शहरी स्कूलों को पढ़ाई के लिए जाना पड़ता था। ऐसे में सबसे ज्यादा समस्या छात्राओं के लिए है जिनका घर शहर के समीप है और अब उन्हें नामांकन के लिए अपने घर से दूर 5-6 किलोमीटर अपने पंचायत स्थित विद्यालय में जाना होगा। अब शिक्षा विभाग के नए फरमान से इस प्रकार की स्थिति वाले शहर के समीप रहने वाले ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को शिक्षा से वंचित होने की नौबत है। अब तक जो बच्चे अपने गांव स्थित विद्यालय से आठवीं तक की पढ़ाई पूरी कर लिए हैं। उन बच्चों का नामांकन अपने ही पंचायत के उत्क्रमित उच्च विद्यालय या इंटर विद्यालय में होना है। चाहे उसकी दूरी अधिक भी क्यों ना हो। 

अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा विभाग का यह रवैया सही नहीं है। विभाग ने अपने ही पंचायत में नामांकन करने का निर्देश दिया है। ऐसे में शहर के बड़े-बड़े प्राइवेट स्कूलों से पास करने वाले छात्र का नवीं कक्षा में नामांकन  के लिए उन्हें ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।

सरकार का गाइडलाइंस दिख नहीं ले रहे नामांकन।

अभिभावकों का कहना है कि हमारे बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ते थे अब सरकारी स्कूल के नौवीं कक्षा में नामांकन के लिए हम लोग चक्कर लगा रहे हैं और वहां कार्यरत कर्मी हमें शिक्षा विभाग के द्वारा निर्गत लिस्ट और उनका गाइडलाइंस दिखा रहे हैं। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का नामांकन नहीं होने के चलते उनका भविष्य अंधकार में जा रहा है। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी दिनेश चौधरी से पूछे जाने पर उन्होंने ने कहा कि विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार विद्यार्थियों का नामांकन लिया जाएगा।

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