कौन हैं प्रीत कौर गिल, जिनके साथ एक मुलाकात के बाद विवादों में घिर गए राघव चड्ढा - Raghav Chaddha in Controversy

👉

कौन हैं प्रीत कौर गिल, जिनके साथ एक मुलाकात के बाद विवादों में घिर गए राघव चड्ढा - Raghav Chaddha in Controversy


NEW DELHI:
देश में कुछ ही दिनों में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं. इस चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के संस्थापक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी ने वैसे ही आप की चिंता बढ़ाई हुई है. अब सोशल मीडिया पर राघव चड्ढा की एक ऐसी तस्वीर वायरल हो रही है जिसके कारण बड़ा बवाल खड़ा हो गया है.

दरअसल 23 मार्च को बीजेपी नेता अमित मालवीय ने अपने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर राघव चड्ढा की एक फोटो साझा की, इस तस्वीर में राघव, ब्रिटेन की नेता प्रीत कौर गिल के साथ नजर आ रहे है. 

राघव चड्ढा फिलहाल आंखों के इलाज के लिए लंदन में हैं और इस दौरान उनकी मुलाकात सांसद प्रीत कौर गिल से हुई. लेबर पार्टी की सांसद ने दोनों के मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी.  

अब इस तस्वीर को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता ने साझा करते हुए सवाल उठाया है. भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि  राघव लंदन में जिस ब्रिटिश सांसद से मिल रहे हैं वह खालिस्तान अलगाववाद की वकालत और सामाजिक तौर पर भारत विरोधी भावनाओं के लिए जानी जाती हैं.  

बीजेपी ने उठाए आम आदमी पार्टी पर सवाल 

अमित मालवीय ने इस तस्वीर को साझा करते हुए राघव और आम आदमी पार्टी पर कई सवाल भी उठाये है. उन्होंने इस पोस्ट के कैप्शन में हाल ही में किए गए केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल के एक पोस्ट का हवाला देते हुए लिखा- जेल में बंद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल कहती हैं, 'भारत के भीतर और बाहर कई ताकतें हैं जो देश को कमजोर कर रही हैं. हमें सतर्क रहना होगा, इन ताकतों को पहचानना होगा और उन्हें हराना होगा...उससे पूरी तरह सहमत हूं.' 

उन्होंने आगे लिखा, 'सुनीता केजरीवाल शायद कहने की कोशिश कर रही हैं कि आप सांसद राघव चड्ढा ब्रिटिश लेबर सांसद प्रीत गिल के साथ क्या कर रहे हैं.  प्रीत खुले तौर पर के अलगाववाद की वकालत करती रही हैं, ब्रिटेन में खालिस्तान समर्थकों के लिए धन जुटाते हैं, लंदन में इंडिया हाउस के बाहर हिंसक विरोध प्रदर्शन के लिए फंड देते हैं, लगातार भारत विरोधी, हिंदू विरोधी, मोदी विरोधी पोस्ट करते हैं. 

बीजेपी नेता ने इसी ट्वीट में सवाल किया कि - दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं में परिवर्तन का जो मॉडल था उसका क्या हुआ? क्या ‘दिल्ली मॉडल’ एक दिखावा है? वह अपनी आंखों की सर्जरी विदेश में क्यों करवा रहे हैं, दिल्ली सरकार के अस्पताल में क्यों नहीं?

Post a Comment

Previous Post Next Post