चापाकल नहीं उगल रहा पानी, नदी में गड्ढा खोद प्यास बुझा रहे ग्रामीण gramin

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चापाकल नहीं उगल रहा पानी, नदी में गड्ढा खोद प्यास बुझा रहे ग्रामीण gramin

 





प्रखंड के धमनी, फरकाबुजुर्ग, हरदिया, सवैयाटांड़ समेत कई पंचायतों में गिरा जलस्तर 

कई गांवों में सूख गए चापाकल और कुंए, रजौली में गहरा गया है पेयजल संकट 

मुख्य प्रतिनिधि, रजौली

रजौली प्रखंड क्षेत्र में भीषण गर्मी बढ़ते ही जल संकट गहराने लगा है। जलस्तर नीचे चले जाने के कारण चापाकलों ने पानी उगलना बंद कर दिया है तो कुएं भी सूख गए हैं। सबसे खराब स्थिति जंगल में पहाड़ी इलाकों में बसे लोगों की है। लोग सुबह से ही पानी की तलाश में जुट जा रहे हैं। नदी में गड्ढा खोद कर पानी निकाल रहे हैं और अपनी प्यास बुझा रहे हैं। ग्रामीणों से मिल रही जानकारी के अनुसार, रजौली प्रखंड क्षेत्र के धमनी, फरकाबुजुर्ग, हरदिया, सवैयाटांड़ समेत कई पंचायतों में जल संकट गहराया हुआ है। इन पंचायतों की दर्जनों गांवों में चापाकल सूख गए हैं। कुएं भी सूख चुके हैं। लिहाजा ग्रामीण पानी की खोज में इधर-उधर भटक रहे हैं। पानी की कमी के चलते पशु-पक्षियों के जीवन पर भी आफत बन आई है। पटवन के अभाव में खेतों में सब्जियों की फसल झुलस कर बर्बाद हो रही है। 


एक महीने से पानी की किल्लत से जूझ रहे लोग 

मिल रही जानकारी के अनुसार, धमनी पंचायत की धमनी, चतरो, बुढ़ियासांख, अधवरवा, छतनी, चपहेल समेत आदि गांवों में पेजयजल संकट गहराया हुआ है। फरकाबुजुर्ग पंचायत की बात करें तो जंगली क्षेत्र के गांव में जल संकट की समस्या से लोग जूझ रहे हैं। इस पंचायत के पूर्व मुखिया व पहवाचक गांव निवासी राम अवतार यादव बताते हैं कि उनके गांव में 15 से 20 दिनों से चापाकल से पानी नहीं निकल र है। सिरोडाबर पंचायत की फुलवरिया, सोहदा गांव में भी जलस्तर नीचे चले जाने के कारण 10 से 15 दिन से पानी नहीं आ रहा है। हरदिया पंचायत की भानेखाप, सूअरलेटी, कुम्भियातरी, पिपरा, परतौनिया, पिछली, जमुंदाहा, झराही, डेलवा, सिंगर, मरमो, रानीवास, नवाडीह, चोरडीहा समेत डैम उस पार के जंगली क्षेत्र के कई गांवों में जलस्तर काफी कम हो गया है। प्रखंड मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी होने के कारण पीएचईडी विभाग के लोग भी इन जंगली और पहाड़ी क्षेत्र के चापाकलों की जांच करने के लिए नहीं जाते हैं। सवैयाटांड़ पंचायत के चटकरी, ढकनी छोर, जरलहिया, गोहियाडीह, झलकडीहा, सिमरातरी, बसरौन, ललकी, टोपा पहाड़ी, फगुनी समेत दर्जनों गांव में रहने वाले लोगों के समक्ष जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। मुखिया नारायण सिंह ने बताया कि गिरते जलस्तर के बाबत बीडीओ और पीएचईडी विभाग के जेई को रिपोर्ट दी गई है। 



वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से भी नहीं पहुंच रहा पानी 

प्रधानमंत्री राजीव गांधी शुद्ध पेयजल आपूर्ति योजना के तहत हरदिया डैम में बनाए गए इंटेक वेल और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से रजौली प्रखंड के 10 पंचायतों की 90 गांवों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करनी थी। लेकिन हरदिया डैम के उस पार जंगली क्षेत्र के गांव की ओर जिंदल कंपनी का वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से पानी की आपूर्ति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सुदूर ग्रामीण इलाकों की बात तो दूर, हद की बात तो यह है कि रजौली प्रखंड मुख्यालय क्षेत्र में भी कई चापाकल इस भीषण गर्मी में भी खराब पड़े हैं। जिसे देखने वाला कोई नहीं है। 


खराब पड़े चापाकलों की होगी मरम्मत 

पूरे मामले पर जिंदल कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि जहां-जहां नल का जल नहीं पहुंच पा रहा है, वहां का सर्वे कर पीएचईडी विभाग को रिपोर्ट दी गई है। इधर, पीएचईडी विभाग के जेई चंदन कुमार ने बताया कि जहां-जहां चापाकल खराब हैं, उसकी मरम्मत के लिए विभाग की टीम लगातार काम कर रही है। जहां भी चापाकल खराब हैं, उसकी सूचना दें। सूचना के बाद पीएचईडी टीम द्वारा चापाकल को ठीक कराया जाएगा।

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