गुरो विन्दा महाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन

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गुरो विन्दा महाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन



प्रतिनिधि विश्वास के नाम नवादा: सुविख्यात मॉडर्न शैक्षणिक समूह के तत्वावधान में संचालित गुरो विन्दा कॉलेज, अशोक नगर, बहुद्देशीय कक्ष में जन्तु विज्ञान विभाग ने दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन  20 मई प्रारम्भ किया गया, इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ मिथिलेश कुमार (IFS) एवं विशिष्ट अतिथि मॉडर्न शैक्षणिक समूह के सचिव डॉ० शैलेश कुमार के सह सहयोग से कार्यक्रम का पहला दिन सम्पन्न किया गया जिसमें उपस्थित विद्वानगण ने सर्वप्रथम दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किये, इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का मुख्य शीर्षक 'जलवायु परिवर्तन एवं जैव विविधता का संरक्षण" था। उक्त कार्यक्रम के उपलक्ष्य में अमृत वाणी की वर्षा करते हुये मॉडर्न शैक्षणिक समूह के सचिव सह एशोसिएशन ऑफ इन्स्टीच्यूट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज पटना (बिहार) के महासचिव डॉ० शैलेश कुमार ने अपने विचारों का मृदुल प्रस्तुति देते हुए कहे कि जलवायु सभी जीव धारियों का मुख्य हिस्सा है, जलवायु में किसी प्रकार का परिवर्तन होता है, तो इसका सीधा प्रभाव सभी जीव धारियों पर पड़ता है और इसकी सारी जिम्मेदारी मनुष्य कि होती है, क्योंकि सभी प्राणियों में मानव ही एक समझदार प्राणी है जो पर्यावरण कि सुरक्षा कर सकता है समय-समय पर जलवायु का परिवर्तन भी आवश्यक है परन्तु मनुष्य को चाहिये कि पर्यावरण कैसे बचाया जाय इसका उपाय हमेंशा करते रहना चाहिये जैसा कि पर्यावरण सुरक्षित रखने का सीधा उपाय वृक्षारोपण है. वृक्षों से ही मौसम का संतुलन समुचित रखा जा सकता है माननीय सचिव महोदय ने यह भी कहा कि आप शिक्षित हैं, अपने आसपास गंदगी फैलने से रोके जिससे पर्यावरण सुरक्षित रह सके तत्पश्चात विशेष अतिथि डॉ० देवानन्द सिन्हा ने जलवायु संरक्षण के विषय में कहे कि एक इंसान से पर्यावरण सुरक्षित नहीं हो सकता इसमें सभी लोगों को ध्यान देने कि जरूरत है इसी के साथ डॉ० सरफराज अली सहायक प्राध्यापक पी०जी० विभाग बायोटेक्नोलोजी मगध विश्वविद्यालय बोध गया ने अपने अगल-बगल की साफ सफाई एवं कल कारखानों से पर्यावरण को बचाने के बहुत सारे सलाह दिये जिससे पुरा जनसमूह प्रभावित हुआ। सहायक प्राध्यापक श्री सुनिल कुमार गुप्ता सीता राम साहू कॉलेज, नवादा ने अपने उ‌द्बोधन में कहे कि जैव विकास एवं संरक्षण तभी सम्भव है जब हमारा पर्यावरण सुरक्षित है। इसी कड़ी में सहायक प्राध्यापक डॉ० विरेन्द्र कुमार ने भी वृक्षा रोपण पर विशेष बल दिये तथा पानी कम खर्च करने का भी सलाह दिये। इस शुभ अवसर पर गुरो विन्दा महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य माननीय निशांत कुमार ने मंच संचालन करते हुये सभी शिक्षार्थियो को उपदेश देते हुये कहे कि हम धरती के पुत्र हैं, वृक्ष हमारे मित्र हैं, जिनसे हमको शुद्ध हवा, फल, फूल, लकड़ी आदि मिलती है इसलिये हमारा कहना है कि जिस प्रकार हमे चोट लगती है तो दर्द होता है वैसे ही पेड़ पौधो को भी अनावश्यक काटने पर दर्द होता है, ओर प्राकृतिक क्षति भी होती है. जिससे वातावरण अशुद्ध होते जा रहा है जिससे हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है इसलिये हमे पेड़ नही काटना चाहिये और जितना हो सके वृक्ष लगाना चाहिये जिससे हमारे भविष्य में होने वाला कुप्रभाव रोका जा सके. तथा खेती करते समय यह ध्यान देना है, कि खेतो में कम से कम उर्वरक खाद व कीटनाशक दवाओं का प्रयोग करें जिससे हमारे खेतों कि उर्वरा शक्ति बर्करार रहे और किसी जीव जन्तु को नुकसान न पहुंच सके इसी के साथ प्लास्टिक का भी प्रयोग कम करे और नदी नाले में न फेंके जिससे जल जमाव हो और जल दूषित हो जाय यदि ऐसा नही किया गया तो चिपको आन्दोलन फिर से शुरूआत करना पड़ जायेगा। इस आयोजन में महाविद्यालय के स०प्रा०:-डॉ० मुन्नू कुमार, चन्द्र शशिकान्त, रवि, मुकेश कुमार ब्रम्हचारी, अभिमन्यु कुमार, कुमारी प्रेरणा राज एवं कार्यालय अधीक्षकगण तथा छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे और अतिथिगण का बहुत आभार व्यक्त करते हुये बहुत बधाई दिये इसी के साथ दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के प्रथम दिन का समापन किया गया।

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