चिलचिलाती धूप से बढ़ने लगा हीट स्ट्रोक का खतरा, स्कूलों के समय में परिवर्तन की मांग

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चिलचिलाती धूप से बढ़ने लगा हीट स्ट्रोक का खतरा, स्कूलों के समय में परिवर्तन की मांग


नवादा (रवीन्द्र नाथ भैया) 
जिले में गर्मी अपने सबाब पर पहुंचने लगी है। प्रचंड धूप के कारण घर से बाहर निकलना दुभर होने लगा है। सबसे ज्यादा स्कूली छात्राओं और छात्रों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। अप्रैल का महीना का अभी पहला सप्ताह है कि गर्मी से लोगों का हाल बेहाल होने लगा है। पारा 40 के पार पहुंच चुका है। इस मौसम में लोगों को लू लगने का खतरा हो सकता है। ये तब होता है जब आपका शरीर अपने तापमान को नियंत्रित नहीं कर पाता।  जब किसी को लू लगती है तो शरीर का स्वेटिंग मैकेनिज्म यानी पसीना तंत्र भी फेल हो जाता है और फिर व्यक्ति को बिल्कुल पसीना नहीं आता।

हीट स्ट्रोक का समय पर इलाज ना मिले तो इससे व्यक्ति की मौत या फिर ऑर्गन फेल हो सकता है। 

गर्मी की छुट्टियां निर्धारित समय से पहले घोषित करने की मांग:- गर्मी की छुट्टियां निर्धारित समय से पहले घोषित करने की मांग जोर पकड़ने लगी  है। गर्मी की भीषणता को देखते हुए स्कूलों को अल्पावधि के लिए बंद करने का फैसला डीएम समीक्षा कर ले सकते है। इसी तरह आंगनबाड़ी केंद्रों के खुलने और बंद होने के समय में बदलाव की मांग जोर पकड़ने लगी है। 

फलों का सेवन जरुरी:-

गर्मी के समय में शरीर में पानी की कमी होना स्वाभाविक है। ऐसे में सिर्फ पानी पीकर पानी की कमी को दूर नहीं किया जा सकता । इसलिए जब भी बाहर निकलें, फल जैसे केला, गन्ने का जूस आदि का सेवन जरूर करते रहें, ताकि शरीर में ऊर्जा बनी रहे। इसके अलावा शरीर में ठंडक बनी रहे इसलिए ठंडा शरबत या ठंडा पेय पदार्थ जैसे दही और लस्सी आदि का सेवन करना चाहिए। 

डिहाइड्रेशन और इंफेक्शन का खतरा:-

अप्रैल माह के साथ ही गर्मी का सितम शुरू हो गया है। चिलचिलाती धूप और तेज गर्मी के बीच लू से लेकर डिहाइड्रेशन और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। हिट वेव से लोगों की जान तक चली जाती है। बहरहाल लू से बचाव के लिए तेज धूप में बाहर जाने से बचें। खासकर सुबह 12 बजे से 5 बजे के बीच। इसके अलावा, अपने शरीर को तापमान में बदलाव के साथ तालमेल बिठाने के लिए कुछ समय दें, खासकर ठंडे, एसी कमरे में रहने के बाद घर से बाहर निकलने से पहले सावधानी बरतें। पूरे बदन को ढक कर ढ़ीला कपड़ा पहन कर निकले। तेल और मशालेदार खाना खाने से परहेज कर फलों के जूस का सेवन करें।

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